Karm Phal Story In Hindi: कर्म फल सबको मिलता है, बेटा, बेटी, दामाद और बहू बनकर कौन आता है?

Karm Phal Story In Hindi: इस संसार में जो भी रिश्ते हम बनाते हैं, जो भी लोग हमारी जिंदगी में आते हैं, वे सब अकारण नहीं आते। हर रिश्ते के पीछे कर्मों का एक गहरा हिसाब होता है। आइए जानते हैं कर्म फल की इस अद्भुत सच्चाई को जो हमारी जिंदगी की हर घटना को एक नई रोशनी में दिखाती है।

कर्म फल क्या होता है?

इस दुनिया में कुछ भी संयोग से नहीं होता। हम जो भी अच्छे या बुरे कर्म करते हैं उसका फल हमें इसी जन्म में या अगले जन्म में जरूर मिलता है। यही कर्म का सिद्धांत है और यही इस सृष्टि का सबसे बड़ा सत्य है। भगवान किसी को माफ कर सकते हैं लेकिन कर्म का फल कभी नहीं टलता।

रिश्तों में कर्मों का लेना-देना

बेटा बनकर, बेटी बनकर, दामाद बनकर और बहू बनकर कौन आता है? वही आता है जिसका तुम्हारे साथ कर्मों का लेना-देना होता है। जिसका लेना-देना नहीं होगा वो तुम्हारी जिंदगी में आएगा ही नहीं। यही कारण है कि कुछ रिश्ते बहुत मजबूत होते हैं और कुछ रिश्ते बनते ही टूट जाते हैं।

बेटे का रिश्ता

जो बेटा तुम्हारे घर में जन्म लेता है वह पिछले जन्म में तुम्हारा कोई बहुत करीबी रहा होगा। उसके साथ कर्मों का कोई न कोई हिसाब बाकी था इसीलिए वह तुम्हारे घर में आया। जो बेटा माता-पिता की सेवा करता है वह अपने पुराने कर्जे को चुकाता है और जो बेटा माता-पिता को कष्ट देता है वह नया कर्ज बना रहा होता है।

बेटी का रिश्ता

बेटी तो साक्षात लक्ष्मी का रूप होती है। जिस घर में बेटी जन्म लेती है उस घर के साथ उसका कर्मों का बहुत पवित्र और गहरा नाता होता है। बेटी थोड़े समय के लिए आती है लेकिन जाते-जाते भी वह अपने माता-पिता के लिए ढेरों दुआएं और खुशियां छोड़ जाती है। यह रिश्ता कर्मों के हिसाब का सबसे निर्मल रूप है।

दामाद का रिश्ता

दामाद वही बनता है जिसके साथ बेटी का पिछले जन्मों से कोई अटूट कर्म-संबंध होता है। यही कारण है कि लाखों लोगों में से एक खास इंसान ही तुम्हारी बेटी का जीवनसाथी बनता है। यह मेल अकारण नहीं होता, इसके पीछे कर्मों की एक लंबी कड़ी होती है।

बहू का रिश्ता

बहू के रूप में जो लड़की घर में आती है वह भी किसी न किसी कर्म-ऋण को चुकाने या लेने के लिए आती है। जो बहू घर को स्वर्ग बना देती है वह अपने पुण्य कर्मों का फल भोग रही होती है और जो बहू घर में कलह लाती है वह भी किसी पुराने हिसाब को पूरा कर रही होती है।

कर्म फल से कोई नहीं बचता

इस संसार में राजा हो या रंक, अमीर हो या गरीब, पंडित हो या अनपढ़, कर्म फल से कोई नहीं बच सकता। जो आज दूसरों के साथ जैसा करेगा कल उसके साथ वैसा ही होगा। इसीलिए हमेशा अच्छे कर्म करो क्योंकि तुम्हारा किया हुआ हर कर्म एक दिन तुम्हारे पास वापस जरूर आएगा।

जीवन की सबसे बड़ी सीख

इसलिए जब भी कोई रिश्ता दर्द दे तो घबराओ मत। समझो कि यह कर्मों का हिसाब है जो चुकाया जा रहा है। और जब कोई रिश्ता खुशी दे तो उसे भगवान का आशीर्वाद मानो। हर रिश्ते को प्यार और सम्मान के साथ निभाओ क्योंकि आज जो बीज तुम बोओगे कल वही फल तुम्हें मिलेगा। यही कर्म फल का शाश्वत सत्य है।

Disclaimer: यह लेख आध्यात्मिक मान्यताओं और कर्म के सिद्धांत पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल नैतिक प्रेरणा और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। पाठक अपने विवेक से इसे समझें।

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